ध्यान और आध्यात्म एक धोखा है! इससे सावधान रहिये!

ज़िंदगी सोचने से नहीं, करने से बदलती है. भीतर झांकते रहने के बजाय बाहर की दुनिया में सक्रिय होना ज़्यादा ज़रूरी है. नई चीज़ें सीखना,…